
अहमदाबाद
CITYTODAY:दिनांक 27-
श्री राहुल गांधीजी की नफरत छोडो भारत जोडो यात्रा एवं अभिजित दिपके के जंतर मंतर जेन झी आंदोलन ने 12 साल से देशभर में चल रही नफरत की राजनिती को ध्वस्त किया
अल्लाह ने काबातुल्लाह की रक्षा के लिए अबाबिल का लश्कर भेजा था, उसी प्रकार अल्लाह ने भाजपा सरकार के विरुद्ध केवल एक गंदे कीड़े, कोकरोच की निर्जीव छवि भेजकर भाजपा सरकार के शासन एवं नफरती एजन्डा चलानेवाले मीडीया की जड़ों को हिला दिया
भारत के संविधान द्वारा प्राप्त हुए अधिकारो की रक्षा के लिए सेक्युलर पक्ष के हिन्दु नेताओ एवं समाज के साथ मिलकर एक दूजे के धर्म की धार्मिक भावनाओ का आदर कर एकता एवं भाईचारे को प्रबल बनाने के प्रयास पर भार रखने का आहवान… ग्यासुद्दीन शेख
आईएमसीआर के अध्यक्ष और पूर्व सांसद मोहम्मद अदीच साहब ने 24 जुलाई 2026 को नई दिल्ली स्थित कोन्स्टिटयूशन क्लब ऑफ इंडिया में बैठक की अध्यक्षता की। जिसमें सभी समुदायों, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए रणनीति पर चर्चा करने हेतु आयोजित एक ऐतिहासिक बैठक में, जीपीसीसी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक ग्यासुद्दीन शेख ने अपने भाषण में कहा कि धार्मिक भेदभाव के खिलाफ भाजपा की केंद्र सरकार के 12 साल के अत्याचारी शासन के कारण हजरत मोहम्मद पयगंबर साहब (स.अ.व.) की शान में गुस्ताखी, आज़म खान, तीकीर रजा खान और उमर खालिद सहित कई मुस्लिम धार्मिक और राजनीतिक नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया गया है, घृणास्पद भाषण (भड़काऊ भाषण) दिए गए हैं, कट्टरपंथी तत्वों द्वारा मुसलमानों के धार्मिक स्थलों पर तलवारों और घातक हथियारों का खुलेआम प्रदर्शन किया गया है, मस्जिदों, मदरसों और कब्रिस्तानों सहित मुस्लिम समुदाय की गरीब बस्तियों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया है, और 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र में अतिक्रमण किया गया है। मुस्लिम धार्मिक स्थलों का विध्वंस और क्षेत्र में भास्तीय वफादार मुस्लिम परिवारों पर कार्रवाई, सोशल मीडिया के माध्यम से मुस्लिम समुदाय के सामूहिक चहिष्कार का आह्वान करने वाले लोग, मॉब लिंचिंग, लव जिहाद, लैंड जिहाद, स्पिट जिहाद, मुस्लिम महिलाओं के हिजाब खींचना और सबसे शर्मनाक बात, यूपीएससी जिहाद के निराधार आरोप, ये सभी बातें दर्शाती हैं कि मुस्लिम समुदाय आजादी के 75 वर्षों में 2014 से लगातार 12 वर्षों तक सबसे कठिन दौर और यातना से गुजर रहा है।
2047 तक भाजपा देश में राज करेगी ऐसे वजुद बिना के दावे भाजपा द्वारा करने में आ रहे है तब हम सब को ऐसा लगने लगा था कि भाजपा काफी लंबे समय तक किसी न किसी तरह देश में शासन करेगी।
लेकिन ऐसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में भी, मुस्लिम समुदाय भारतीय संविधान और न्याय प्रणाली में अटूट विश्वास रखते हुए, कानून और व्यवस्था का सम्मान करते हुए अत्यंत संयम से बरत रहा है और कट्टरपंथी ताकतों के सभी अत्याचारों को असहनीय पीड़ा और कष्ट के साथ चुपचाप सहन कर रहा है।
सदीयो से बहुसंख्यक हिंदू और मुस्लिम समुदायों ने हमेशा एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया है। मुस्लिम समुदाय धर्मनिरपेक्ष हिंदू भाइयों को अपना बड़ा भाई मानता है। बहुसंख्यक हिंदू समुदाय में संकीर्ण सोच वाले लोग बहुत कम हैं। विशाल हिंदू समुदाय कई बातो में मुस्लिम समुदाय से भी अधिक धर्मनिरपेक्ष है। यहां तक कि जब कुछ संकीर्ण सोच वाले लोगों ने मुस्लिम समुदाय को दबाने का प्रयास किया, तब भी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों के नेताओं, भारतीय न्यायपालिका, मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाने वाले निष्पक्ष मीडिया ने मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक मौलिक अधिकारों और संरक्षण के लिए हमेशा जोरदार आवाज उठाई है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खडगेजी, विपक्ष के सम्मानित नेता राहुल गांधीजी और प्रियंका गांधीजी पिछले दो महीनों से नीत परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर देश भर में संसद और सड़कों पर उतरकर सराहनीय प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं ऐतिहासिक रूप से अभिजीत दीपके जंतर-मंतर सहित देशभर में क्रांतिकारी जेन झी द्वारा पेपर लीक के खिलाफ एक अभूतपूर्व अहिंसक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं और पूरी शिक्षा प्रणाली में मूलभूत बदलावों के साथ-साथ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
भाजपा शासक एवं जूज पूर्वग्रहयुक्त मेईन स्ट्रीम मीडिया द्वारा पिछले 12 वर्षों से देश में चल रही धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति, हिंदू-मुस्लिम, मंदिर-मस्जिद, भारत-पाकिस्तान की राजनीति को रोकने और देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को बनाए रखने के लिए, जेन झी ने जंतर-मंतर सहित सोशल मीडिया पर देश भर में जोरदार आवाज उठाई है, जिसमें वर्तमान सरकार की शिक्षा नीति में आमूल परिवर्तन की मांग की गई है। इसके साथ ही, सरकार की विफलताओं, जिनमें देश की शिक्षा प्रणाली भी शामिल है और शिक्षा और रोजगार की समस्याओं पर निडर और जोशीली आवाज उठाई गई है, तथा देश के लोगों को देश में भेदभावमुक्तनिष्पक्ष सुशासन स्थापित करने देश के लोगो को जागृत करने में जेन झी ने अकल्पनीय सफलता प्राप्त की है।
मुस्लिम समाज को डर रखे बिना भारत के संविधान द्वारा प्राप्त हुए अधिकारो की रक्षा के लिए सेक्युलर हिन्दु समाज और नेता के साथ मिलकर धर्मनिरपेक्ष हिंदू समुदाय और नेताओं के साथ सौहार्दपूर्ण समन्वय के माध्यम से भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए बिना किसी भय या धमकी के मजबूत प्रयास करने चाहिए।
मौजूदा हालात में, संवैधानिक मौलिक अधिकारों की रक्षा के नाम पर कोई भी संगठन या संस्था मौजूदा शासन और कट्टरपंथी विचारधारा वाली क्रूर सरकार के अत्याचारों के खिलाफ अकेले लड़ाई नहीं लड़ सकती। इसका संयुक्तरूप से मुकाबला करने के लिए, मसलख फिरका को दरकिनार कर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, जमीयत उलेमा-ए-हिंद, जमात-ए-इस्लामी, अजमेर शरीफ सहित सूफी विचारधारा की दरगाहे (खानकाए) और शिया समुदाय की सभी संस्थाओ के साथ मिलकर एक संयुक्त फेडरेशन बनाने का आह्वान किया।
सभी धर्मनिरपेक्ष दलों सहित विशेष रुप से वर्तमान समय में असहनीय पीडा झेल रहे मुस्लिम समाज के संवैधानिक अधिकारो के प्रति प्रतिबद्ध धर्म एवं जाति के भेदभाव के बिना धर्मनिरपेत्र राजनिती का पालन करते सभी सेक्युलर पक्षो के मुख्य नेताओ के साथ मुलाकात कर वर्तमान शासन के सामने संसद एवं राज्य विधानसभा में हक्क की आवाज बुलंद कर देश में कानून व्यवस्था और सदभावना का शासन पुनः प्रस्थापित करने के लिए आईएमसीआर के संस्थापक और पूर्व सांसद मोहम्मद अदीब साहब, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूचा मुफ्ती और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद साहब सहित उपस्थित सभी नेता, धार्मिक संस्थाए और सामाजिक आगेवानो को आग्रहपूर्वक विनती की थी।
उपरोक्त बैठक में उपस्थित कच्छ के नेता जुम्मा रायमा और कांग्रेस नेता असलम सायकलवाला ने भी विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार वृढ़ता से व्यक्त किए।

